Category: Tags: , , , , Brand:

Bahut Door, Kitna Door Hota Hai । बहुत दूर, कितना दूर होता है Paperback – 7 November 2019

175.00



Share it:

एक संवाद लगातार बना रहता है अकेली यात्राओं में। मैंने हमेशा उन संवादों के पहले का या बाद का लिखा था… आज तक। ठीक उन संवादों को दर्ज करना हमेशा रह जाता था। इस बार जब यूरोप की लंबी यात्रा पर था तो सोचा, वो सारा कुछ दर्ज करूँगा जो असल में एक यात्री अपनी यात्रा में जीता है। जानकारी जैसा कुछ भी नहीं… कुछ अनुभव जैसा.. पर ठीक अनुभव भी नहीं। अपनी यात्रा पर बने रहने की एक काल्पनिक दुनिया। मानो आप पानी पर बने अपने प्रतिबिंब को देखकर ख़ुद के बारे में लिख रहे हों। वो ठीक मैं नहीं हूँ… उस प्रतिबिंब में पानी का बदलना, उसका खारा-मीठा होना, रंग, हवा, सघन, तरल, ख़ालीपन सब कुछ शामिल हैं। इस यात्रा-वृत्तांत को लिखने के बाद पता चला कि असल में मैं इस पूरी यात्रा में एक पहेली की तलाश में था… जिसका जवाब यह किताब है। —मानव कौल

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “Bahut Door, Kitna Door Hota Hai । बहुत दूर, कितना दूर होता है Paperback – 7 November 2019”

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Custom Tab Content here.
Tail sed sausage magna quis commodo snasae. Aliquip strip steak esse ex in ham hock fugiat in. Labore velit pork belly eiusmod ut shank doner capicola consectetur landjaeger fugiat excepteur short loin. Pork belly laboris mollit in leberkas qui. Pariatur snasae aliqua pork chop venison veniam. Venison sed cow short loin bresaola shoulder cupidatat capicola drumstick dolore magna shankle.